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मंगलवार, 19 अप्रैल 2016

गेमिंग इंडस्ट्री एक बेहतर विकल्प


गेमिंग इंडस्ट्री एक बेहतर विकल्प

वीडियो गेम्स की लोकप्रियता दिन-प्रतिदिन बढती ही जा रही है और यही वजह है कि छोटे-बडे सभी शहरों के साइबर कैफे में वीडियो गेम के दीवानों की भीड देखी जा सकती है। पीसी व ऑनलाइन गेम खेलने के शौकीनों के लिए अब मोबाइल पर भी यह सुविधा उपलब्ध हो गई है। एक्सबॉक्स 360, प्लेस्टेशन 3 व नाइनटेंडो जैसे गेमिंग कांसोल ने खेलने का मजा दोगुना कर दिया है। थ्रिलिंग करियर
बदलते जमाने के साथ-साथ करियर चुनने में बदलाव आने लगा है। अब स्टूडेंट्स ऐसे करियर की तलाश में रहते हैं जिसमें थ्रिल हो, इमेजिनेशन हो और साथ में हो आगे बढने की संभावना भी। अगर आप भी ऐसा ही कुछ सोच रहे हैं, तो गेमिंग इंडस्ट्री एक बेहतर विकल्प हो सकती है। तेजी से उभरते हुए इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। नेशनल असोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर ऐंड सर्विस कंपनीज (हृन्स्स्ष्टह्ररू) के आंकडों के मुताबिक, वर्ष 2010 तक भारत में गेमिंग का कारोबार लगभग 10 अरब डॉलर तक हो जाने की संभावना है। गेमिंग करियर का सबसे बडा लाभ यह है कि इसमें आप फन के साथ-साथ अर्न का भी आनंद उठा सकते हैं।
मुख्य धाराएं
गेम डेवलॅपमेंट एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें क्रिएटिविटी, टैलॅन्ट व एक्सपीरियंस का संगम देखने को मिलता है। इसकी मुख्य धाराएं हैं- डिजाइन, प्रोग्रामिंग, आर्टवर्क, कंटेन्ट क्रिएशन व टेस्टिंग आदि। आइए जानते हैं इनके बारे में थोडे विस्तार से..
आर्टिस्ट
किसी भी गेम में लोगों को आकर्षित करने के लिए ग्राफिक डिजाइनिंग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस क्षेत्र में आर्ट डायरेक्टर, कॉन्सेप्ट आर्टिस्ट, कैरेक्टर मॉडलर, कैरेक्टर एनिमेटर, एनवॉयरनमेंटल 3डी आर्टिस्ट, इफेक्ट्स आर्टिस्ट आदि के रूप में करियर को एक नई दिशा दे सकते हैं। गेमिंग इंडस्ट्री में आर्टिस्ट के रूप में करियर बनाने के लिए फाइन आर्ट्स या इससे संबंधित डिग्री प्राप्त करना आवश्यक है। पेंटिंग, ड्रॉइंग, कलर थ्योरी, स्कल्पचर और डिजाइनिंग के मूलभूत सिद्धांतों की जानकारी हासिल करने से रचनात्मक दक्षता का विकास होता है। वैसे, एक आर्टिस्ट के लिए विजुअल इमेजिनेशन सबसे जरूरी है। अगर आप में अपनी कल्पना शक्ति के सहारे किसी भी चीज को खूबसूरत स्वरूप देने की क्षमता है, तो आर्टिस्ट बनने से आपको कोई नहीं रोक सकता। सालाना कमाई : गेम आर्टिस्ट की सैलरी 1,80,000 रुपये प्रतिवर्ष से शुरुआत हो सकती है, जबकि आर्ट डायरेक्टर के रूप में 8,50,000 रुपये प्रतिवर्ष मिल सकता है।
गेम डिजाइनर
गेम डिजाइनर किसी भी गेम का ब्ल्यू प्रिंट तैयार करता है और उसे अंतिम स्वरूप देता है। टीम में गेम डिजाइनर के कई स्तरों के पद होते हैं, जैसे-लेवॅल डिजाइनर्स, राइटर-डिजाइनर्स, लीड गेम डिजाइनर आदि। गेम डिजाइनर बनने के लिए शैक्षिक और तकनीकी योग्यताओं के अलावा, कुछ अन्य गुणों का होना भी जरूरी है, जैसे-इम्प्रेसिव कॅम्युनिकेशॅन स्किल, दूसरों को प्रेरित करने की क्षमता आदि।
सालाना कमाई : एक गेम डिजाइनर सालाना 3,40,000 से 10,50,000 रुपये तक कमा सकता है।
प्रॉडयूसर
गेमिंग और एनिमेशन इंडस्ट्री में प्रॉडयूसर का कार्य सबसे महत्वपूर्ण होता है। पूरी टीम का मुखिया होने के नाते सभी कार्यो को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी प्रॉडयूसर के ऊपर ही होती है। डिजाइनरों की ही तरह गेमिंग टीम में प्रॉडयूसर भी एक से ज्यादा हो सकते हैं। इसमें असोसिएट प्रॉडयूसर, एग्जीक्यूटिव प्रॉडयूसर, एक्सटर्नल और इंटर्नल प्रॉडयूसर आदि शामिल होते हैं। प्रॉडयूसर के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में निपुणता अनिवार्य है। साथ ही, कम्प्यूटर का ज्ञान भी जरूरी है। संगठन क्षमता, नेतृत्व क्षमता और लगातार लंबे समय तक कार्य करने की क्षमता जैसे गुण इस करियर के लिए मददगार हो सकते हैं।
सालाना कमाई : प्रॉडयूसर के रूप में वार्षिक कमाई 2,50,000 से 7,50,000 रुपये तक हो सकती है।
प्रोग्रामर
किसी भी गेमिंग टीम के अभिन्न अंग होते हैं - प्रोग्रामर। डिजाइनर, प्रॉडयूसर, साउंड आर्टिस्ट आदि के कार्यो को गेम का स्वरूप देना एक प्रोग्रामर का काम होता है। आमतौर पर प्रोग्रामर ही सभी कार्यो को कम्प्यूटर प्रोग्राम के रूप में तब्दील करने के लिए उत्तरदायी होता है। प्रोग्रामर आइडियाज को कम्प्यूटर के अनुरूप मैथमेटिकल स्वरूप देने की कोशिश करता है। इसके लिए मैथ्स की अच्छी जानकारी जरूरी है। इसके अतिरिक्त सी, सी++, जावा, डायरेक्ट एक्स जैसे कुछ खास प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की जानकारी भी आवश्यक है।
सालाना कमाई : ,80,000 से 12,50,000 रुपये।
साउंड डिजाइनर्स
साउंड डिजाइनर्स गेम में म्यूजिक और साउंड के उचित समावेश के लिए जिम्मेदार होते हैं। गेम में बादलों के कडकने और गाडी के रुकने पर उसके टायर की चरचराहट, पानी टपकने की टप, टप..आवाज आदि हम साउंड डिजाइनर के प्रयासों से ही सुन पाते हैं। साउंड डिजाइनर के लिए संगीत का विस्तृत ज्ञान होना आवश्यक है।
कोर्स
गेम डिजाइन व गेम डेवलॅपमेंट में बीए ऑनर्स व पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा के अलावा कई शॉर्ट टर्म कोर्सेज भी कराए जाते हैं। बीएफए (बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स) या एमएफए (मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स) की डिग्री हासिल करने वालों के लिए इस क्षेत्र में संभावनाएं इसलिए बढ जाती हैं, क्योंकि उनमें ड्राइंग, स्केचिंग व गेमिंग की एनाटॉमि समझने की क्षमता जबरदस्त होती है।
कहां से करें कोर्स?
-जागरण इंस्टीटयूट ऑफ मैनेजमेंट ऐंड मास कॅम्युनिकेशॅन, नोएडा, ई-मेल : info_jimmc@yahoo.co.in
-गेको एकेडमी ऑफ डिजिटल आर्ट, साउथ एक्स, पार्ट-2, दिल्ली ई-मेल : info@geckoindia.com, वेबसाइट : www.geckoindia.com
-पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी, जालंधर।
-एरिना मल्टीमीडिया, दिल्ली, वेबसाइट : www.arena.multimedia.com
-सीजी तंत्रा, दिल्ली व मुंबई आमतौर पर हर वर्ष तीन बार- अप्रैल, जुलाई और अक्टूबर में एडमिशन लिए जा सकते हैं। यूजफुल वेबसाइट्स www.icat.ac.in
www.gamespot.com http://spheretechso lutions.com
(जागरण इंस्टीटयूट ऑफ मैनेजमेंट ऐंड मास कम्युनिकेशन के निदेशक जे.आर. शरण से बातचीत पर आधारित)
एक गेम डेवलॅप करने में 80 लाख से 1 करोड रुपये तक खर्च हो जाते हैं और एक से डेढ साल का समय लग जाता है।
गेमिंग विश्व स्तर पर 100 अरब डॉलर की इंडस्ट्री है।
वर्ष 2020 तक केवल भारत में ही गेमिंग 80 अरब डॉलर की इंडस्ट्री हो जाएगी।

बुधवार, 9 मार्च 2016

आरोग्य एवं सौभाग्य दायक मंत्र

असाध्य रोग दूर करने का मंत्र - ॐ ह्रीं ह्रीं क्लीं क्लीं काली कंकाली. 
महाकाली खप्पर वाली अमुकस्य अमुक व्याधि नाशय नाशय शम नय स्वाहा. 

११००० बार जप करके सिद्ध करले. फिर रोगी का ३ दिन तक १०८  बार जल से झाडा करें तो अवश्य लाभ होगा.
आरोग्य एवं सौभाग्य दायक मंत्र - 
देहि सौभाग्यमारोग्यम देहि में परम सुखम्। रूपं देहि जयं देहि, यशो देहि द्विषो जहि॥

श्री सूक्त सरल, सहज एवं तुंरत प्रभावकारी उपाय

श्री सूक्त में सोलह मंत्र दिए गए है । इन १६ मंत्रों का नित्य १६ बार पाठ करना चाहिए।
महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए श्री सूक्त सरल, सहज एवं तुंरत प्रभावकारी उपाय है।

 श्री सूक्त का पाठ जो व्यक्ति नित्य करता है अथवा जो व्यक्ति श्री सूक्त को ध्यान मग्न होकर सुनता है,
 उसके ऊपर महालक्ष्मी की कृपा स्थाई रूप से बनी रहती है इसमे कोई संदेह नही है। 
श्री सूक्त, लक्ष्मी की अराधना के मंत्र हैं। यह ऋग्वेद में है। यह धन की अधिष्ठात्री देवी मां लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्ति के लिए है। 

ॐ हिरण्य-वर्णां हरिणीं, सुवर्ण-रजत-स्त्रजाम्।
 चन्द्रां हिरण्यमयीं लक्ष्मीं, जातवेदो म आवह।।1
तां म आवह जात-वेदो, लक्ष्मीमनप-गामिनीम्।
यस्यां हिरण्यं विन्देयं, गामश्वं पुरूषानहम्।।2
अश्वपूर्वां रथ-मध्यां, हस्ति-नाद-प्रमोदिनीम्।
श्रियं देवीमुपह्वये, श्रीर्मा देवी जुषताम्।।3
कांसोऽस्मि तां हिरण्य-प्राकारामार्द्रा ज्वलन्तीं तृप्तां तर्पयन्तीं।
पद्मे स्थितां पद्म-वर्णां तामिहोपह्वये श्रियम्।।4
चन्द्रां प्रभासां यशसा ज्वलन्तीं श्रियं लोके देव-जुष्टामुदाराम्।
तां पद्म-नेमिं शरणमहं प्रपद्ये अलक्ष्मीर्मे नश्यतां त्वां वृणोमि।।5
आदित्य-वर्णे तपसोऽधिजातो वनस्पतिस्तव वृक्षोऽक्ष बिल्वः।
तस्य फलानि तपसा नुदन्तु मायान्तरायाश्च बाह्या अलक्ष्मीः।।6
उपैतु मां दैव-सखः, कीर्तिश्च मणिना सह।
प्रादुर्भूतोऽस्मि राष्ट्रेऽस्मिन्, कीर्तिं वृद्धिं ददातु मे।।7
क्षुत्-पिपासाऽमला ज्येष्ठा, अलक्ष्मीर्नाशयाम्यहम्।
अभूतिमसमृद्धिं च, सर्वान् निर्णुद मे गृहात्।।8
गन्ध-द्वारां दुराधर्षां, नित्य-पुष्टां करीषिणीम्।
ईश्वरीं सर्व-भूतानां, तामिहोपह्वये श्रियम्।।9
मनसः काममाकूतिं, वाचः सत्यमशीमहि।
पशूनां रूपमन्नस्य, मयि श्रीः श्रयतां यशः।।10
कर्दमेन प्रजा-भूता, मयि सम्भ्रम-कर्दम।
श्रियं वासय मे कुले, मातरं पद्म-मालिनीम्।।11
आपः सृजन्तु स्निग्धानि, चिक्लीत वस मे गृहे।
निच-देवी मातरं श्रियं वासय मे कुले।।12
आर्द्रां पुष्करिणीं पुष्टिं, सुवर्णां हेम-मालिनीम्।
सूर्यां हिरण्मयीं लक्ष्मीं, जातवेदो ममावह।।13
आर्द्रां यः करिणीं यष्टिं, पिंगलां पद्म-मालिनीम्।
चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं, जातवेदो ममावह।।14
तां म आवह जात-वेदो लक्ष्मीमनप-गामिनीम्।
यस्यां हिरण्यं प्रभूतं गावो दास्योऽश्वान् विन्देयं पुरूषानहम्।।15
यः शुचिः प्रयतो भूत्वा, जुहुयादाज्यमन्वहम्।
श्रियः पंच-दशर्चं च, श्री-कामः सततं जपेत्।।16

दरिद्रता निवारण का चमत्कारी मंत्र- ॐ नमो नारायणाय नमः।

यह मंत्र सौभाग्य, सम्पदा, मोक्ष एवं सभी प्रकार की उन्नति के लिए अत्यन्त ही अनुकूल है,
 यह अत्यन्त सरल और महत्वपूर्ण है उन लोगों के लिए जो गृहस्थ है और ज्यादा विधि विधान नही कर सकते है।
 दस लाख बार जपने से यह मंत्र सिद्ध हो जाता है। 
स्त्रियों के लिए यह मंत्र विशेष उपयोगी माना गया है , इससे गृहस्थ जीवन सुखमय रहता है तथा मृत्यु के बाद निश्चय ही विष्णु लोक को जाता है। 
पूजन कक्ष में प्राण प्रतिष्ठित लक्ष्मी यन्त्र के सामने यह प्रयोग अधिक श्रेष्ठ रहता है।
 यन्त्र और स्वयं को इत्र लगाकर साधना करने से निश्चित सफलता मिलती है।

ऋण मुक्ति मंत्र - साधक के घर में कभी भी ऋण या दरिद्रता नहीं आ सकती

ऋण मुक्ति मंत्र - ॐ श्री गणेश ऋण छिन्धि वरेण्य हुं नमः फट । इस ऋण हर्ता गणेश मंत्र को एक वर्ष तक लगातार प्रति सप्ताह ११०० बार जप करना चाहिए। इससे गणेश जी प्रसन्न होते है और साधक का ऋण चुकता होता है। कहा जाता है कि जिसके घर में एक बार भी इस मंत्र का उच्चारण हो जाता है उसके घर में कभी भी ऋण या दरिद्रता नहीं आ सकती। 

नौकरी अथवा साक्षात्कार के लिए मंत्र

इस मंत्र को शुक्ल पक्ष के सोमवार से अमृत या लाभ के चौघडिये से शुरू करें एवं सवा लाख मंत्रों का जाप करें।
            विश्व भरण पोषण कर जोई, ताकर नाम भरत अस होई।
            गई बहोर गरीब नेवाजू , सरल सबल साहिब रघुराजू ॥

स्वयं सिद्ध मन्त्र - ॐ श्री राम दूताय नमः

यह हनुमान जी का पंचाक्षरी मन्त्र है जो की स्वयं सिद्ध है। श्री हनुमान जी के इस मन्त्र में स्थित ॐ के माध्यम से पर ब्रह्मा परमात्मा की कृपा, श्री के माध्यम से श्री लक्ष्मी अर्थात माता जानकी जी की कृपा, राम के माध्यम से श्री हनुमान जी के प्रिय श्री रामजी की कृपा प्राप्त होती है। जब भक्त इस मन्त्र का जप करते है तब श्री हनुमान जी इस मंत्र के माध्यम से हमारी पुकार सुनकर हमारे शरीर में सर्व शक्तियों के साथ विराजमान हो जाते है। श्री हनुमान जी श्री राम के परम भक्त एवं सेवक है इसलिए अपने नाम दूताय के पूर्व अपने प्रभु श्री राम का स्मरण सुन कर श्री हनुमान जी अत्यन्त प्रसन्न होते है और मन्त्र के माध्यम से हमारी पुकार सुन कर तुंरत इस बात का संदेश अपने प्रभु श्री राम को देते है। प्रभु श्री राम भी अपने परम भक्त श्री हनुमान के मुख से संदेश सुन कर अति प्रसन्न होते है और भक्त पर अपनी विशेष कृपा दृष्टि बरसाते है क्योंकि भगवान श्री राम की यह नीति है की उन्हें अपने सेवक के सेवक अति प्रिय होते है।